Always Be positive

      चलिए आज आपको एक पुरानी व रोचक कहानी सुनाता हूं शायद आपने पहले कभी इसे सुना होगा । काफी रोमांचक कहानी है सुनने में मज़ा आएगा । ये कहानी है 2 भाइयों की जो साथ खेलते , साथ खाते- पीते , साथ  सोते । बड़ा प्रेम था दोनों भाइयों में । बड़े की उम्र लगभग 8 साल व छोटा लगभग 6 वर्ष का था । 
           एक दिन दोनों भाई खेलते खेलते अपने गांव से थोड़ा दूर चले गए । खेलते हुए उनकी गेंद एक कुएं में जा गिरी । बड़ा भाई गेंद के पीछे पीछे भागा और दुर्भाग्यवश वो कुएं में जा गिरा और बचाओ बचाओ चिल्लाने लगा । बड़े भाई की आवाज सुनकर छोटा भाई भी कुएं की ओर दौड़ा । उसने ने बचाओ बचाओ की आवाज लगाई । लेकिन कोई आसपास ना होने के कारण किसी की मदद ना मिल सकी ।
       जब कोई सहायता ना मिली तो छोटे भाई ने पास में पड़ी रस्सी कुएं में डाल दी और बड़े ने रस्सी पकड़ ली। फिर उसने धीरे धीरे उसको ऊपर खींचना शुरू किया । कभी रस्सी छूटती कभी फिसलती । फिर मरता क्या न करता । काफी मशक्कत के बाद दुखी होते हुए छोटे ने रस्सी खींच ली  और अपने भाई की जान बचा ली।
    भाई को सही सलामत देख छोटा काफी खुश हुआ लेकिन इस घटना के कारण दोनों के मन एक प्रकार का भय भी था । दोनों भाई घर पर लौट आए । बच्चों के मन में घबराहट देख कर घरवालों के पूछने पर उन्होंने यह घटना बता दी । लेकिन कमाल की बात किसी भी व्यक्ति को उनकी बात पर विश्वास न हुआ कि छोटे ने इसकी जान बचाई होगी ।
      गांव का कोई भी व्यक्ति इस बात पर यकीन नहीं कर रहा था कि छोटे ने बड़े भाई को कुएं से निकाला होगा । हर व्यक्ति इसे झूठ बता रहा था । लेकिन कोई भी बच्चों की बात का यकीन नहीं कर रहा था ।
उस गांव में बुजुर्ग व्यक्ति था ,लोग उसके पास गए और यह और दोनों भाई घर पर लौट आए सुनाई । तब उस बुजुर्ग ने कहा कि बच्चा ठीक तो कह रहा है कि इसने इसकी जान बचाई । इसमें गलत क्या है ।
       लेकिन लोग कहने लगे कि ये कुएं से रस्सी कैसे खींच सकता है ये काफी छोटा है । तब बूढ़े बुजुर्ग ने बड़ी शालीनता ने जवाब दिया इस बच्चे ने बिल्कुल उसे कुएं से बाहर निकाला और उसकी जान बचाई क्योंकि इसके पास कोई ऐसा नहीं था जो इसे कहता की तू ये नहीं कर सकता। इसलिए उसने में में ठाना और निकाल दिया।
          अर्थात् व्यक्ति कोई भी काम कर सकता है अगर कोई उसे ये कहने वाला ना हो कि तू ये नहीं कर सकता। ऐसे लोग ना तो खुद कुछ करते है और ना ही किसी को कुछ करने देते है । इस कहानी की सीख यही है कि हमें नकारात्मक लोगों से बचना चाहिए। अपने मन ठान लेने से कुछ भी किया जा सकता । इसलिए हमेशा आशा वादी रहे और सकारात्मक सोचें । 
  Always be positive . Think positive live positive 

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